कुंडली में चंद्रमा और उसके उपाय



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कुंडली में चंद्रमा और उसके उपाय

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कुंडली में चंद्रमा अशुभ होने के कारण, लक्षण और उपाय

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कुंडली में चंद्रमा को माता का एवं मन का कारक माना गया है। कुंडली में चंद्रमा चतुर्थ भाव का कारक है। चंद्रमा धरती का उपग्रह है।पूर्णिमा के दिन किस ग्रह का यानी कि चंद्रमा का प्रभाव धरती पर सबसे ज्यादा रहता है।

इस पृथ्वी पर विद्यमान जितने भी दूध वाले वृक्ष हैं सभी चन्द्र के कारण उत्पन्न हैं। चंद्रमा अपने मन का कारक होने के कारण वह सबके मन पर राज करता है। चंद्रमा दूध मोती एवं जल का प्रधान माना जाता है।

चन्द्रमा माता का कारक और मन का कारक है। कुंडली में अगर चंद्रमा अशुभ स्थान पर विराजमान होगा या चंद्रमा अशुभ होगा तो माता एवं मन पर अशुभ असर छोड़ जाएगा। मन की बेचैनी बढ़ने का एवं माता का सुख कम होने का कारण अशुभ चंद्रमा है।

चंद्रमा खराब होने के कारण।*

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* वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर का वायव्य कोण दूषित होने पर भी चन्द्र खराब हो जाता है।वास्तु में वायव्य कोण का अधिपति चंद्रमा को बताया गया है।

* घर में किसी भी स्थान पर जल का स्थान-दिशा यदि दूषित है तो भी चन्द्र अशुभ फल देता है।

* अपने पूर्वजो का अपमान करने से या तो उनको किसी शुभ अशुभ प्रसंग में याद ना करने के कारण भी चंद्रमा आपकी कुंडली में अशुभ फल देगा।

* माता का स्त्री का अपमान करने या उससे विवाद करने पर चन्द्र अशुभ प्रभाव देने लगता है।

* शरीर में अति जल के अशुभ प्रभाव से भी चंद्रमा आपकी कुंडली में अशुभ फल देगा।

* गृह कलह करने और अपने परिवार के स्त्री सदस्य से  धोखा देने से भी चन्द्र मंदा फल देता है।

 * कुंडली में अगर चंद्रमा कुंडली के छठे स्थान  का अष्टम स्थान का या व्यय भाव  का मालिक होगा या इन भावों  के मालिकों के साथ विराजमान होगा तो भी आप का चंद्रमा खराब होगा और अशुभ फल देगा।

आपकी कुंडली का चंद्रमा अगर राहु केतु के साथ होगा या फिर उनकी दृष्टि में होगा वह भी आप का चंद्रमा आपको पर शुभ फल देगा।

शुभ चन्द्र व्यक्ति को धनवान और दयालु बनाता है। शुभ चंद्रमा व्यक्ति को मानसिक रूप से शांति का अनुभव करवाता है। सुख और शांति देता है।

 भूमि और भवन के मालिक चन्द्रमा से कुंडली के चतुर्थ भावमें शुभ ग्रह होने पर घर संबंधी शुभ फल मिलते हैं।

*🌈कैसे जानें कि चन्द्रमा खराब है...*

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* अगर घर में हमेशा दूध की कमी रहे या तो दूध देने वाले जानवर मर जाए।

* माता का  बीमार होना या घर के पानी की हमेशा कमी रहा पानी की दिक्कतों का सामना करना यह भी अशुभ चंद्रमा की निशानी है।

 

* महसूस करने की और दया भावना की क्षमता क्षीण हो जाती है। हमेशा मानसिक रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

* राहु, केतु या शनि के साथ होने से तथा उनकी दृष्टि चन्द्र पर पड़ने से चन्द्र अशुभ हो जाता है।

* मानसिक रोगों का कारण भी चन्द्र को माना गया है।

*🙋‍♀️चंद्र ग्रह से होती ये बीमारियाँ:*

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* चन्द्र में मुख्य रूप से शरीर के दिल, बायां भाग से संबंध रखता है।

* मिर्गी का रोग।

 * पागलपन।

 * बेहोशी।

 * फेफड़े संबंधी रोग। 

* मासिक धर्म गड़बड़ाना। 

* स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है। 

* मानसिक तनाव और मन में घबराहट। 

* तरह-तरह की शंका और अनिश्चित भय। 

* सर्दी-जुकाम बना रहता है।

* व्यक्ति के मन में अपने आप को खत्म करने के विचार बार-बार आते रहते हैं।तथा जातक हमेशा मानसिक रूप से अशांति का अनुभव करता है।

*चंद्र ग्रह के उपाय:*

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* प्रतिदिन सुबह सवेरे माता के पैर छूना चंद्रमा के पशु प्रभाव को नष्ट कर शुभ प्रभाव पड़ता है।

* भगवान महादेव यानी कि शिव की भक्ति अशुभ चंद्रमा के लिए रामबाण इलाज माना गया है।

सोमवार का व्रत रखना भी काफी फलदायक रहेगा। 

* रात को सोते समय पानी या दूध को अपने सिरहाने रखें और सुबह उठकर उस पानी को किसी पुरुष की जड़ को दे देने से भी आपका चंद्रमा शुभ प्रभाव देना शुरू कर देगा।

* चावल, सफेद वस्त्र, शंख, वंशपात्र, सफेद चंदन, श्वेत पुष्प, चीनी, बैल, दही और मोती दान करना चाहिए।

* समुद्र से प्राप्त होने वाला मोती चंद्रमा का रत्न माना गया है मोती रत्न को धारण करने से भी चंद्रमा शुभ होता है।

*अगर कुंडली में चंद्रमा अशुभ हो तो किसी ज्योतिषी के पास से दो मोती या दो चांदी के टुकड़े लेकर एक टुकड़ा पानी में बहा दें तथा दूसरे को अपने पास रखें। 

* कुंडली के षष्ठ भाव में चन्द्र हो तो दूध सफेद वस्त्र या पानी का दान करना मना है।

*सोमवार के दिन सोमवार का व्रत रखें।सोमवार के दिन एक बार खाना खाए और नमक दूसरी बार ना खाएं। सोमवार के दिन खट्टा खाने से बचें। सफेद चीजों का दान करें।

स्त्री का अपमान कतई ना करें। स्त्री का अपमान करने से चंद्रमा ज्यादा खराब होता है।

* सोमवार को सफेद वस्तु जैसे दही, चीनी, चावल, सफेद वस्त्र,1 जोड़ा जनेऊ, दक्षिणा के साथ दान करना और ' सोम सोमाय नमः' का 108 बार नित्य जाप करना शुभ होता है।

इस तरह से माता और मन का कारक चंद्रमा व्यक्ति को यानी कि जातक को धन-धान्य से समृद्ध भी करता है क्योंकि यह कुंडली के चतुर्थ भाव का कारक है। कुंडली के चतुर्थ भाव से व्यक्ति का सुख औरतों का विचार किया जाता है और इसीलिए इस भाव को सुख भाव भी कहा जाता है।अगर जातक का चंद्रमा अच्छी स्थिति में होगा तो अवश्य ही उसको सुख संपत्ति एवं घर का मालिक बनाएगा।

उन सभी उपाय करने से पहले किसी अच्छे ज्योतिषी की सलाह अवश्य लें।

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